Nimisha Priya Case — यमन में फाँसी की सज़ा का सामना कर रहीं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को बचाने के लिए भारत में ज़बरदस्त मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम का उद्देश्य है – 33 लाख रुपये की ‘दिया’ (रक्तपात मुआवजा) राशि इकट्ठा करना, जिससे फाँसी को टाला जा सके।
🔎 कौन हैं निमिषा प्रिया?
निमिषा प्रिया केरल की निवासी हैं जो बतौर नर्स यमन में काम करती थीं। उन पर एक यमनी नागरिक की हत्या का आरोप है। इस जुर्म में उन्हें स्थानीय अदालत ने फाँसी की सज़ा सुनाई है।
💰 क्यों जुटाए जा रहे हैं ₹33 लाख?
यमन की कानून व्यवस्था के अनुसार, ‘दिया’ (blood money) के रूप में पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा देकर सज़ा को रोका जा सकता है। निमिषा की माँ और परिजन भारत में “Save Nimisha” नाम से अभियान चला रहे हैं जिसमें आम जनता से ₹33 लाख का सहयोग मांगा जा रहा है।
🏛️ भारत सरकार की भूमिका
भारत सरकार भी इस मामले में सतर्क है। विदेश मंत्रालय ने यमन में भारतीय दूतावास के ज़रिए लीगल सपोर्ट प्रदान किया है। सोशल मीडिया पर भी लोग निमिषा के समर्थन में #SaveNimisha ट्रेंड करा रहे हैं।
📢 जनता का समर्थन
देश भर से लोग crowdfunding websites के माध्यम से इस मिशन में योगदान दे रहे हैं। केरल के कई संगठनों ने खुला समर्थन भी दिया है।
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